मिट्टी की जांच से यह पता चलता है कि खेत में कौन-कौन से पोषक तत्व उपलब्ध हैं और किनकी कमी है। सही समय पर और सही तरीके से सैंपल लेने से परिणाम सटीक आते हैं।
सावधानी: बारिश या सिंचाई के तुरंत बाद सैंपल न लें। सूखने के बाद ही लें।
पानी की गुणवत्ता फसल उत्पादन को सीधे प्रभावित करती है। इसलिए सिंचाई या पेयजल दोनों के लिए पानी की जांच आवश्यक है।
नोट: सैंपल लेते समय किसी रासायनिक पदार्थ या साबुन का प्रयोग न करें।
अन्य कृषि उत्पाद जैसे खाद, कंपोस्ट, गोबर खाद, फसल निरीक्षण आदि का भी सैंपल जांच हेतु जमा किया जा सकता है।
सुझाव: सैंपल के साथ पंजीकरण फॉर्म और संपर्क विवरण अवश्य दें।
सभी प्रकार के सैंपल की जांच वैज्ञानिक रूप से की जाती है। रिपोर्ट SMS और ऑनलाइन पोर्टल दोनों पर उपलब्ध होती है।