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अब टांटिया यूनिवर्सिटी में मिट्टी और सिंचाई जल की होगी जांच

अब टांटिया यूनिवर्सिटी में मिट्टी और सिंचाई जल की होगी जांच श्रीगंगानगर। किसानों के लिए एक राहत भरी खबर है। टांटिया यूनिवर्सिटी से संबद्ध एग्रीकल्चर कॉलेज में अब मृदा एवं जल परीक्षण प्रयोगशाला की शुरुआत हो चुकी है, जहां किसान अपनी खेत की मिट्टी और सिंचाई जल की गुणवत्ता की जांच करवा सकते हैं। यह प्रयोगशाला *भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR)* से मान्यता प्राप्त है। प्रयोगशाला के प्रभारी डॉ. सतदेव ने बताया कि लैब में आने वाले मिट्टी और जल के सैंपलों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। मात्र छह माह में 600 से अधिक सैंपल जांचे जा चुके हैं। यानी हर महीने औसतन 100 से अधिक सैंपल लिए जा रहे हैं, जो किसानों की बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है। *मिट्टी की जांच में कौन-कौन से तत्व शामिल?* लैब में मिट्टी की pH, इलेक्ट्रिकल कंडक्टिविटी, जैविक कार्बन, नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, सल्फर के साथ-साथ जिंक, आयरन, मैंगनीज, कॉपर, बोरॉन और कैल्शियम कार्बोनेट जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों की भी जांच की जाती है। किसानों को उनकी मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों की मात्रा की जानकारी के साथ यह भी सलाह दी जाती है कि कौन-से तत्वों की कमी पूरी करनी चाहिए। *पानी की अशुद्धियों की भी होती है जांच* श्रीगंगानगर में पंजाब से आने वाला नहरी पानी कई बार कैमिकल अशुद्धियों से युक्त होता है। इसके अलावा भूमिगत जल में भी नमक जैसी अशुद्धियाँ पाई जाती हैं। लैब में जल के pH, टीडीएस और अन्य रासायनिक अशुद्धियों की जांच कर, किसानों को उपयुक्त सिंचाई जल के चयन में मार्गदर्शन दिया जाता है। *सटीक और विश्वसनीय परिणाम* यूनिवर्सिटी के अधीन यह प्रयोगशाला उच्च गुणवत्ता वाली मशीनों से सुसज्जित है और यहां प्राप्त जांच रिपोर्टें अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों से तुलनात्मक रूप से सटीक पाई गई हैं। कई किसानों ने बताया कि जांच रिपोर्ट और विशेषज्ञों की सलाह से उन्हें फसल उत्पादन में सीधा लाभ हुआ है। *डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी जल्द उपलब्ध होगी सेवा* डॉ. सतदेव (प्रभारी) एवं डॉ नरेश कुमार यादव (जांच अधिकारी) ने बताया कि जल्द ही यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर मृदा एवं जल परीक्षण से जुड़ी समस्त जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी। किसान ऑनलाइन पंजीकरण कर मिट्टी और पानी की जांच के लिए अनुरोध कर सकेंगे। एग्रीकल्चर कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. यू.एस. शेखावत का कहना है कि “मिट्टी और जल की समय पर जांच से किसानों को उनकी भूमि की सटीक स्थिति की जानकारी मिलती है। इससे वे खेती की रणनीति बेहतर बना सकते हैं और उत्पादन बढ़ा सकते हैं।”

Author

Dr. Satdev Rokana

We are proud to introduce the Soil and Water Testing Laboratory at the Faculty of Agriculture, Tantia University, Sri Ganganagar—a dedicated facility aimed at enhancing agricultural efficiency and sustainability. Our laboratory provides precise testing of soil nutrients and water quality, helping farmers and agricultural professionals make informed decisions for better crop management. By understanding the condition of their soil and water, users can apply fertilizers more effectively, improve crop yields, and reduce environmental impact. Staffed with experienced faculty and trained technicians, the lab also offers expert interpretation of test results and crop-specific guidance. Our goal is to support local farmers, agri-entrepreneurs, and extension workers with reliable, affordable, and accessible services. Together, let’s move toward a future of smart, sustainable, and prosperous agriculture.